Bachpan

छूट गया बचपन भी अब रो रहा हूँ इस कदर, चलता तो जा रहा हूँ कैसे भूल जाऊँ बो दिन, चलमलाता था ये दिल ना किसी की थी फिकर, कैसे करू इसका जिकर कैसे करू इसका जिकर

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